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Rohu मछली का Scientific नाम क्या है ?

Rohu मछली का Scientific नाम क्या है ?

Rohu मछली का Scientific नाम क्या है ?
Rohu मछली का Scientific नाम क्या है ?

Rohu मछली का परिचय : रोहू मछली बोनी मछलियों की एक प्रजाति है।  रोहू मछली को English में (Labeo rohita)कहा जाता है। ये मछली Cyprinidae कार्प परिवार की एक मीठे पानी की मछली है जिसे आमतौर पर रूई, रुई या टपरा भी कहा जाता है।यह एक बड़ा सर्वाहारी मछली है और इसको कृषि में उपयोग किया जाता है।

The Scientific Name Of Rohu –

Rohu मछली का Scientific नाम क्या है : Rohu मछली का वैज्ञानिक नाम Labeo rohita है।

The Size Of Rohu Fish –

रोहू मछली का आकार : रोहू विशिष्ट साइप्रिनिड आकार की एक बड़ी मछली है और ये चांदी के रंग की मछली है, जिसमें एक धनुषाकार सिर होता है। वयस्क अधिकतम 45 किलोग्राम और अधिकतम लंबाई 2 मीटर (6.6 फीट) तक पहुंच सकते हैं, लेकिन औसतन लगभग 1 1.62 मीटर (1.6 फीट) तक रहती है।

Where is Rohu fish found –

रोहू मछली कहाँ पाई जाती है : रोहू पूरे उत्तरी और मध्य और पूर्वी भारत में नदियों में होता है। पाकिस्तान, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, और प्रायद्वीपीय भारत और श्रीलंका में पाया जाता है।

रोहू दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण जलीय कृषि प्रजाति है। सुसंस्कृत होने पर यह झील के पारिस्थितिक तंत्र में प्रजनन नहीं करता है इसलिए प्रेरित स्पैनिंग आवश्यक है।

रोहू एक खेल मछली के रूप में भी बेशकीमती है ओर ये मछली भी चार जोड़ी गिल्स हैं जो सभी तरफ प्लेट द्वारा लेपित हैं।

What does rohu fish look like  –

रोहू मछली कैसे दिखती है : रोहू विशिष्ट साइप्रिनिड आकार की एक बड़ी मछली है और ये चांदी के रंग की मछली है, जिसमें एक धनुषाकार सिर होता है।

Benefits Of Rohu Fish –

रोहू मछली के फायदे : रोहू मछली कार्पो मछली के रूप में भी जाना जाता है इसमे  प्रोटीन की एक सुंदर मात्रा के साथ समृद्ध है। ओमेगा 3 फैटी एसिड और Vitamin A, B और C के साथ पैक किया जाता है। आपको सप्ताह में कम से कम एक बार रोहू का सेवन करना चाहिए।

माताओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अधिक समुद्री भोजन खाएं क्योंकि गर्भावस्था के दौरान मछली में पोषक तत्वों की आवश्यकता विशेष रूप से अधिक होती है। तो गर्भवती महिलाएं  ये मछली खा सकते है।

Taste of Rohu Fish 

रोहू मछली का स्वाद : रोहू का मांस सफेद, कोमल, बनावट में चिकना होता है और व्यावहारिक रूप से कोई गड़बड़ स्वाद वाला नहीं होता है। बस किसी को भी यह स्वाद लगना चाहिए – लेकिन रोहू करता है सभी कार्प की तरह स्वाद देता है।

Rohu मछली का Scientific नाम क्या है
What do Rohu fish eat
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Rohu मछली क्या खाते हैं : मुख्य रूप से रोहू मछली खाती है ज़ोप्लांकटन। जुवेनाइल और वयस्कों में फाइटोप्लांकटन, वनस्पति मलबे और जलीय पौधों को भी खाते है। सभी ज़ोप्लांकटोनिक जीवों को ये मछली अपना भोजन बना ति है। साथ हिं छोटे मछली को ये अपना भोजन बना ति है।

Facts Of Rohu Fish –

Rohu मछली का जरूरी जानकरी : तली हुई रोहू मछली के लिए एक नुस्खा/receipe सोमेश्वर द्वारा 12 वीं शताब्दी के संस्कृत विश्वकोश में उल्लेख किया गया है, जिन्होंने आज के कर्नाटक से शासन किया था।

रोहु एक रंगीन मछली है जिसके ऊपरी शरीर पर गहरे रंग के तराजू होते हैं, एक सुनहरे भूरे रंग का पेट और पंख जो चमकीले लाल होते हैं।

रोहू आमतौर पर बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और भारतीय राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में भी खाया जाता है।

Rohu Fish Farming –

रोहू मछली पालन : रोहू दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण जलीय कृषि प्रजाति है। सुसंस्कृत होने पर यह झील के पारिस्थितिक तंत्र में प्रजनन नहीं करता है इसलिए प्रेरित प्रक्रिया के आवश्यक होती है।

How To Build A Pond –

तालाब का निर्माण कैसे करे : तालाब निर्माण वाणिज्यिक मीठे पानी की मछली पालन खेती में तालाब निर्माण  एक प्रमुख भूमिका निभाता है। रोहू मछली 25℃  से 36℃ के बीच पानी के तापमान पर अच्छी तरह से बढ़ती है।

How to collect seeds and fertilize land –

बीज कैसे एकत्र करें और भूमि में खाद कैसे डालें : भारत मे बहत सारे नदियों में रोहू मछली की खेती की जाती है।
उच्च उपादन और शीघ्र विकास के लिए आवश्यक सटीक तालाब, खाद ,बीज और उर्वर खेती आवशक होते है।  मुख्य रूप से रोहू , वनस्पति मलबे और जलीय पौधों, शैबाल को भी खाते है। साथ हिं छोटे मछली को ये अपना भोजन बना ति है।

तालाब में चावल की भूसी, गेहूँ के गुच्छे के मिश्रण के साथ जैविक, अजैविक उर्वरक जैसे किडा एवं पूरक आहार देना चाहिए।
आम तौर पर, रोहू फीस की जीवित रहने की 60 से 80% तक सीमित होती है ।

सारे सही जानकरि के लिए जलीय कृषि या मत्स्य विभाग से संपर्क कर के उनकी बातों को ध्यान रखते हुआ काम करना है।

Market Demand for Rohu Fish –

रोहू मछली की बाजार में मांग : ये मछली बाजार में बहत बिकने बाली मछली है और लोग इस मछली बहत खरीद ते हे।

भारत मे बहत सारे नदियों में रोहू मछली की खेती की जाती है। ये मछली बाजार में बहत बिकने बाली मछली है और लोग इस मछली बहत खरीद ते हे।

रोहू मछली का नियमित बाजार भाव करीब 120 से 160 रुपये प्रति किलो है। आकार के आधार पर, किसान रोहू मछली को स्थानीय बाजारों, समारोह हॉल और होटलों का विपणन कर सकते हैं।

भारत में, रोहू मछली की भारी मांग है। अधिकांश होटल में इस मछली को परोसते हैं। खासकर दक्षिण भारत में लोग रोहू मछली से Fish Fry या Fish Cury बनाते हैं।

सूचना –

रोहूमछली प्रजातियों में धातु पारद का उच्च स्तर होता है  और पारद
एक खतरनाक धातु जो तंत्रिका तंत्र( nerve system) को प्रभावित कर सकता है। लेकिन हप्ता मे एक बार खाने मे कुछ प्रभावित नही होगा।

निष्कर्ष

हमे ये उमीद है कि Rohu Fish के बारे में सारे जानकरी आपको मिली होगी। भारत की सबसे Taste मछली में से एक Rohu मछली को माना जाता है। अगर आप Rohu Fish से जुड़ी ओर अधिक जानकरी लेने चाहते हो त Comment में लिखे। हैम जरूर कोशिश करेंगे वो जानकरी आपको देने के लिए। आपको हमारी इस लिख से कुछ नया जानकरी मिली है त Comment में जरूर बताइये

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